चांद नजरों में मुस्कुराया है
मेरे खत का जवाब आया है
बाद मुद्दत के उनका खत आया
एक खुशबू उड़ी हवाओं में
यूं लगा है बिखर गए जैसे
खत के अल्फाज इन फिजाओं में
जिंदगी में नशा सा छाया है
मेरे खत का जवाब आया है
बेखुदी का अजीब आलम है
खत को पढ़ती हूँ झूम लेती हूँ
अपने हाथों में उनका खत पा कर
अपने हाथों को चूम लेती हूँ
आज अपने पे प्यार आया है
मेरे खत का जवाब आया है
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